रायपुर, 1 अप्रैल:पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला में संवेदनशील विषयों पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के पूर्व पीठासीन सदस्य एवं राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ सोनल कुमार गुप्ता ने बतौर रिसोर्स पर्सन अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यशाला में उन्होंने POCSO (लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012), मानव तस्करी, फोस्टर केयर, सपोर्ट पर्सन, दत्तक ग्रहण संस्थानों सहित वर्ष 2016 के संशोधनों पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने BNS 2023 के प्रावधानों का भी उल्लेख करते हुए कानून की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया। सोनल कुमार गुप्ता ने बताया कि मानव तस्करी एक वैश्विक समस्या है और छत्तीसगढ़ की स्थिति व उससे बचाव के उपायों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर अपने अनुभव साझा किए और व्यावहारिक सुझाव दिए। अपने उद्बोधन में उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बिना किसी पद या सरकारी जिम्मेदारी के भी आम नागरिक बच्चों के संरक्षण, विकास और उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षक एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न भी रखे, जिनका सोनल कुमार गुप्ता ने सरल और स्पष्ट तरीके से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस परिवार की ओर से उनका स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। साथ ही प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिवार को उन्होंने बधाई दी। Post navigation खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन, छत्तीसगढ़ की टीम ने मल्लखंभ में लहराया परचम, बालक-बालिका दोनों वर्गों में बने चौंपियन…. उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा फैसला: राजधानी रायपुर में इस साल बनेंगे 4 फ्लाईओवर्स, शहर का ब्यस्त यातायात होगा तेज और सुव्यवस्थित…..