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  • जनदर्शन 2026: मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी गुरुवार को होगा जनदर्शन, सीएम विष्णु देव साय करेंगे जनता से मुलाकात, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश…

    रायपुर: मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 08 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

  • कांगेर घाटी में मिली अनोखी ‘ग्रीन गुफा’: जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार….

    कांगेर घाटी में मिली अनोखी ‘ग्रीन गुफा’: जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार….

    रायपुर: छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।

    जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार

    उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।

    ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।

    घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

  • मजबूत सड़क नेटवर्क से अंतिम छोर के गांव तक पहुंचेगी विकास की रौशनी – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    मजबूत सड़क नेटवर्क से अंतिम छोर के गांव तक पहुंचेगी विकास की रौशनी – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    रायपुर: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत लगभग 18 करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। भूमिपूजन कार्यक्रम के पश्चात सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुदृढ़ सड़क नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास की बुनियाद होता है।

    विष्णुदेव साय सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बसे गांव तक भी मजबूत और सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से प्राप्त हो सकें। भूमिपूजन किए गए सड़क निर्माण कार्यों में मेन रोड से लासाटोला तक 9.89 करोड़ रूपए की लागत की 15.20 किलोमीटर लंबी सड़क एवं एन.एच.-12ए से भेदली तक 8.13 करोड़ रूपए लागत की 12.91 किमी लंबी सड़क का निर्माण शामिल है।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 18 करोड़ रूपए की लागत से दो प्रमुख सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन सड़कों के निर्माण से लासाटोला, बदराडीह, बम्हनी, महारटोला, नवागांव, नेवासपुर सहित आसपास के अनेक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही मेन रोड से भेदली जुड़ जाने से भीमपुरी, झिरोनी, जिंदा, खैरझीटी खुर्द, कुटकी पारा, सोनपुरी एवं थूहा डीह के ग्रामीणों को भी बेहतर सड़क सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट और दृढ़ लक्ष्य है कि विकास की रोशनी अंतिम छोर पर बसे गांव तक पहुंचे। इसके लिए मजबूत, सुरक्षित और सर्वमौसम सड़क संपर्क को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जा रहा है।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी, किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी तथा व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने में सुगमता मिलेगी और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो सकेगा।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 18 करोड़ रूपए की लागत से दो प्रमुख सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि हर गांव को मुख्य मार्ग से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाए।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा शासन के प्रति आभार जताया।

  • मंत्री रामविचार नेताम ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक भ्रमण बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना….

    मंत्री रामविचार नेताम ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक भ्रमण बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना….

    रायपुर: राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण को कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह भ्रमण कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।

    इस अभियान के तहत सूरजपुर जिले के लगभग 200 छात्र-छात्राओं को सरगुजा संभाग के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों इंदिरा गांधी कृषि अनुसंधान केंद्र, आकाशवाणी केंद्र, दरिमा हवाई पट्टी, ठिनठिनी पत्थर तथा संजय पार्क का भ्रमण कराया जा रहा है। छात्र-छात्राएं महिला एवं पुरुष गाइड शिक्षकों के नेतृत्व में इन संस्थानों का अवलोकन कर आधुनिक कृषि तकनीक, रेडियो प्रसारण प्रणाली तथा हवाई यातायात संचालन से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।

    सरगुजा संभाग के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी

    इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है, जिससे उनका शैक्षणिक विजन व्यापक हो और वे पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के अनुभव प्राप्त कर सकें। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।

    इस अवसर पर पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री भीमसेन अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवीजन सर्वश्री मुरली मनोहर सोनी, राम कृपाल साहू, शशिकांत गर्ग, संदीप अग्रवाल, कौशल प्रताप सिंह, संत सिंह, अरविंद मिश्रा, राजेश महलवाला, शंकर जिंदिया, अजय अग्रवाल, राजेश्वर तिवारी, शैलेश अग्रवाल, देव गुप्ता, अशोक अग्रवाल, संस्कार अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित रही।

    शैक्षणिक विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा, जिला मिशन समन्वयक श्री मनोज कुमार साहू, एपीसी श्री शोभनाथ चौबे, बीआरपी गाइड शिक्षक श्री टंडन, श्री विनोद यादव, श्री हर्ष नारायण शर्मा, श्री गौतम शर्मा, श्री अजीत कुमार गुप्ता, श्री अजय उपाध्याय, श्री श्रीकांत पाण्डेय, श्री लौकेश साहू एवं श्रीमती ज्योति साहू उपस्थित थी।

  • माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    रायपुर: माता शाकम्बरी जयंती के पावन एवं पुण्य अवसर पर शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के ग्राम मैनपुरी, बीरुटोला, अमलीडीह, बरपेला टोला, सोहागपुर एवं घुघरीखुर्द ग्रामों में आयोजित जयंती समारोहों में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सोहागपुर ग्राम में किचन शेड का विधिवत लोकार्पण भी किया।

    माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाजजनों को संबोधित करते हुए माता शाकम्बरी के आदर्शों, सामाजिक समरसता, परिश्रम और सहकारिता की भावना पर प्रकाश डाला तथा कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। इस दौरान उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पटेल समाज सदैव से परिश्रमी, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी समाज रहा है। माता शाकम्बरी की कृपा से यह समाज धन-धान्य से सम्पन्न रहा है और उसने हमेशा मिल-जुलकर कार्य करने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। मरार-पटेल समाज के भाव में सहकारिता निहित है, जिसके बल पर समाज और सरकार मिलकर विकास के अनेक कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकते हैं।

    माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल समाज अपने उद्यम, श्रम और पुरुषार्थ से न केवल स्वयं आगे बढ़ा है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के पोषण और सहयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। आज आवश्यकता है कि अन्य समाज भी पटेल समाज के परिश्रम, अनुशासन और सामूहिकता से सीख लें।

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता की कृपा से सभी के घरों में धन-धान्य की वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहाते रहें, सभी नागरिक स्वस्थ और सुखी रहें तथा क्षेत्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर गांव, गरीब, किसान और श्रमिक के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।

    माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विभिन्न ग्रामों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए, इसके लिए सभी को मिलकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

    माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा

    इस अवसर पर जिला भोयरा मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री संतोष पटेल, श्री परदेशी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री विजय पटेल, बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्री राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, लोहारा अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा, श्री संतोष पटेल, श्री कांतिराम पटेल, श्री भगत पटेल, ललिता सुखदास पटेल, श्री भीम सिंह पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राम कुमार भट्ट, श्री तीरथ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

  • पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को राहत: श्रीगढ़ के लघु किसान मनोज राजवाड़े ने की खरीदी व्यवस्था की सराहना….

    पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को राहत: श्रीगढ़ के लघु किसान मनोज राजवाड़े ने की खरीदी व्यवस्था की सराहना….

    अंबिकापुर: जिले के धान उपार्जन केंद्रों में लागू पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी सुविधा मिल रही है। अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीगढ़ के लघु वर्ग के किसान श्री मनोज राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश होने के कारण धान की उपज बेहतर हुई है।

    श्री राजवाड़े ने बताया कि वे करीब साढ़े 4 एकड़ में धान की खेती करते हैं, जिसमें उनका कुल 86.20 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने समिति के माध्यम से धान विक्रय हेतु टोकन कटवाया, जिसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि टोकन व्यवस्था पूरी तरह सरल और किसान हितैषी है।

    उन्होंने बताया कि खैरबार धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास की प्रक्रिया, नमी परीक्षण और तत्काल बारदाना उपलब्ध करा दिया गया, जिससे धान विक्रय में किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। समिति केंद्र में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, छाया और बैठने की समुचित व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिससे प्रतीक्षा के दौरान किसानों को राहत मिलती है।

    श्री मनोज राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार में धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक की खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि धान के साथ-साथ गेहूं, तिलहन और सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती से भी अच्छी आमदनी हो रही है। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यपुस्तक निगम प्रतिबद्ध….

    नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यपुस्तक निगम प्रतिबद्ध….

    रायपुर: छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण सम्बन्धित सभी निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी के मानकों तथा राज्य शासन एवं एससीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप लिए गए हैं।

    निगम द्वारा स्पष्ट किया गया कि कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी आधारित है तथा एनसीईआरटी और एससीईआरटी के बीच हुए अनुबंध में आंतरिक पृष्ठों के मुद्रण हेतु 80 जीएसएम कागज के उपयोग का स्पष्ट प्रावधान है। इस अनुबंध में यह भी उल्लेख है कि पाठ्यपुस्तकों की प्रिंट क्वालिटी, दीर्घकालिक स्थायित्व और पठनीयता को बनाए रखने के लिए 80 जीएसएम टेक्स्ट पेपर तथा 220 जीएसएम कवर पेपर का उपयोग किया जाना चाहिए। इसलिए कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों के लिए 80 जीएसएम और कक्षा 9 एवं 10 के लिए 70 जीएसएम कागज का उपयोग किया जा रहा है। यह निर्णय निगम स्तर पर अकेले नहीं लिया गया बल्कि अनुबंधीय प्रावधानों और शैक्षणिक मानकों के पालन में लिया गया है।

    निगम के अधिकारियों ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है। पूर्व सत्र में 134 विषयों के स्थान पर आगामी सत्र में 144 विषयों की पुस्तकों का मुद्रण प्रस्तावित है। कक्षा 4 एवं कक्षा 7 में विषय वृद्धि शासन तथा एससीईआरटी के निर्णय के आधार पर की गई है। विषयों की संख्या बढ़ने के कारण कागज की आवश्यकता में स्वाभाविक वृद्धि हुई है, किंतु यह वृद्धि योजनाबद्ध और अनुमोदित प्रक्रिया के माध्यम से ही की गई है।

    निगम के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि गत वर्ष लगभग 265 लाख पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण हेतु लगभग 11,000 मीट्रिक टन कागज का उपयोग किया गया था और आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 में भी लगभग इतनी ही मात्रा में कागज की आवश्यकता का अनुमान है। अतः कागज की असामान्य वृद्धि संबंधी आकलन सही नहीं हैं।

    छात्रों के बस्ते का वजन 14 प्रतिशत बढ़ने के दावों का खंडन करते हुए निगम ने कहा कि केवल कागज के जीएसएम में परिवर्तन के आधार पर प्रतिशत वृद्धि का अनुमान वास्तविकता पर आधारित नहीं है। कई कक्षाओं में डिजिटल शिक्षण-सामग्री, वर्षवार वितरण प्रणाली और विभिन्न शैक्षणिक उपायों से विद्यार्थियों के बस्ते के वजन को नियंत्रित रखा जा रहा है। इसलिए बस्ते का वजन उल्लेखनीय रूप से बढ़ने संबंधी आशंकाएँ निराधार हैं।

    निगम के अधिकारियों ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया में कठोर शर्तें लागू हैं। निविदाकर्ता कागज मिलों से जीएसटी विभाग के अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट तथा न्यूनतम 42,000 मीट्रिक टन प्रिंटिंग पेपर की आपूर्ति का प्रमाण अनिवार्य रूप से मांगा जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल अनुभवी एवं सक्षम कंपनियाँ ही आपूर्ति में सहभागी हों तथा विद्यार्थियों तक उच्च गुणवत्ता वाली पुस्तकों की आपूर्ति हो।

    छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण से संबंधित सभी निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी के मानकों तथा राज्य शासन एवं एससीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप लिए जाते हैं। निगम ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी आधारित है तथा एनसीईआरटी, नई दिल्ली और एससीईआरटी रायपुर के मध्य 15 अक्टूबर 2025 को हुए अनुबंध के अनुसार आंतरिक पृष्ठों के लिए 80 जीएसएम कागज तथा आवरण के लिए 220 जीएसएम कवर पेपर के उपयोग का स्पष्ट प्रावधान है। अनुबंध की कंडिका-8 में यह भी उल्लेख है कि पाठ्यपुस्तकों की उत्पादन गुणवत्ता, मुद्रण, चित्रांकन एवं लेआउट एनसीईआरटी मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। निगम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए कागज क्रय एवं मुद्रण की कार्यवाही निगम की कार्यकारिणी द्वारा अनुमोदन उपरांत ही की जा रही है, जिसमें वित्त विभाग, आदिवासी विकास विभाग, लोक शिक्षा, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी तथा शासकीय मुद्रणालय आदि के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में सम्मिलित हैं।

    निगम ने जानकारी दी कि शिक्षा सत्र 2025-26 में लगभग 2 करोड़ 65 लाख निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण हेतु 9300 मीट्रिक टन रील कागज क्रय किया गया था तथा पूर्व सत्र से शेष लगभग 1700 मीट्रिक टन कागज का भी उपयोग किया गया। इस प्रकार पिछले शिक्षा सत्र में वास्तविक रूप से लगभग 11000 मीट्रिक टन कागज का उपयोग किया गया था। इसी आधार पर शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए भी लगभग 11000 मीट्रिक टन 70 एवं 80 जीएसएम कागज के क्रय की प्रक्रिया निविदा के माध्यम से की जा रही है। निगम ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है। पूर्व में 134 विषयों के स्थान पर शिक्षा सत्र 2026-27 में 144 विषयों की पुस्तकें मुद्रित की जाएंगी। कक्षा 4 और कक्षा 7 में विषयों की वृद्धि का निर्णय शासन एवं एससीईआरटी द्वारा लिया गया है, जिसके कारण स्वाभाविक रूप से पुस्तकों एवं कागज की आवश्यकता में वृद्धि हुई है।

    निगम ने यह स्पष्ट किया कि छात्रों के बस्ते के वजन में वृद्धि को केवल कागज के जीएसएम परिवर्तन से जोड़कर प्रस्तुत करना भ्रामक है, क्योंकि बस्ते का वजन मुख्यतः विषयों की संख्या, पुस्तकों के पृष्ठों की संख्या तथा पाठ्यक्रम की संरचना पर निर्भर करता है। निगम ने कहा कि पाठ्यक्रम एवं विषयों से संबंधित समस्त शैक्षणिक निर्णय एससीईआरटी एवं राज्य शासन स्तर पर लिए जाते हैं तथा छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम इन स्वीकृत पुस्तकों के मुद्रण एवं वितरण की जिम्मेदारी का निर्वहन करता है। कागज, वजन और व्यय में अनावश्यक वृद्धि के संबंध में किए जा रहे अतिरंजित दावे तथ्यहीन हैं और वास्तविक स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करते। अभिभावकों एवं शिक्षकों को से अपील की गई है कि भ्रमोत्पादक जानकारियों पर विश्वास न करते हुए आधिकारिक तथ्यों पर भरोसा करें। निगम के अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और नियमानुसार संचालित की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित….

    छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित….

    रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा है, जहाँ अब हिंसा नहीं, शांति ही एकमात्र विकल्प बन चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है, जिसमें 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, सतत दबाव और मजबूत जमीनी पकड़ के कारण माओवादी नेटवर्क तेजी से कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की अदम्य वीरता एवं प्रतिबद्धता, संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा बस्तर की जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन करते हुए अभियान में शामिल सभी जवानों को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो लोग अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ें, सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ और सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें अन्यथा राज्य शासन और सुरक्षा बल कानून एवं संविधान के अनुरूप अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात अब अपने अंतिम चरण में है और बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर किया सादर स्मरण…..

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर किया सादर स्मरण…..

    रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती (4 जनवरी) के अवसर पर उनके उत्कृष्ट साहित्यिक अवदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी ने अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर जिले के बालपुर गाँव में जन्मे स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय जी ने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं ओड़िया भाषाओं में सृजन करते हुए बहुभाषी साहित्य साधना का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी रचनाओं में लोकजीवन, नैतिक मूल्य, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाएँ अत्यंत प्रभावशाली रूप में अभिव्यक्त हुई हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी का साहित्य संयम, सदाचार, चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरण का सशक्त माध्यम रहा है।छत्तीसगढ़ के साहित्यिक गौरव के रूप में उनका नाम सदैव आदरपूर्वक स्मरण किया जाता रहेगा। ‘साहित्य वाचस्पति’ सम्मान से अलंकृत उनका व्यक्तित्व और कृतित्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।

  • माता शाकम्बरी अन्न, प्रकृति और करुणा की प्रतीक है – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    माता शाकम्बरी अन्न, प्रकृति और करुणा की प्रतीक है – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    रायपुर: माता शाकम्बरी जयंती के पावन अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित जयंती समारोहों में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित माता शाकम्बरी जयंती में हुए शामिल

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम बेनदरची, मजगांव, सहसपुर लोहारा, लालपुर एवं मोहरा में पटेल समाज द्वारा आयोजित माता शाकम्बरी जयंती समारोहों में शामिल होकर समाजजनों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पर्व-परंपरा छेरछेरा की भी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक एकता, दान और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मजगांव के भोयरा मरार पटेल समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण किया।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित माता शाकम्बरी जयंती में हुए शामिल

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि माता शाकम्बरी अन्न, प्रकृति और करुणा की प्रतीक हैं। उनका जीवन और संदेश समाज को आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की दिशा में प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि शाकम्बरी माता की उपासना हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलित जीवन जीने की सीख देती है। बेनदरची में उन्होंने पटेल समाज के सदस्यों के साथ संवाद किया और सभी को माता शाकम्बरी जयंती की बधाई दी। उन्होंने क्षेत्र में सड़क, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवन, शेड, स्टेडियम आदि निर्माण के संबंध में जानकारी ली और मुख्य मार्ग के निर्माण के लिए भी जनप्रतिनिधियों से चर्चा की।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित माता शाकम्बरी जयंती में हुए शामिल

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम मझगांव में कहा कि पटेल समाज हमेशा से परिश्रमी और आत्मनिर्भर समाज रहा है, शाकम्बरी माता की कृपा से धन धान्य से सम्पन्न इस समाज ने हमेशा लोगों को मिल जुलकर कार्य करना सिखाया है। नवनिर्मित सामुदायिक भवन से भोयरा मरार पटेल समाज की सामाजिक गतिविधियों को भी गति प्राप्त होगी।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित माता शाकम्बरी जयंती में हुए शामिल

    लोहारा में शाकम्बरी माता जयंती समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पटेल समाज बहुत ही स्वाभिमानी समाज रहा है, पटेल समाज से लोगों को सीखने की आवश्यकता है, अपने उद्यम से समाज द्वारा लोगों का पोषण किया जाता रहा है। उन्होंने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि इसी तरह सभी के घर धन धान्य से परिपूर्ण हों सभी के खेत लहलहायें, सभी स्वस्थ रहें ऐसी कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित माता शाकम्बरी जयंती में हुए शामिल

    इस अवसर पर जिला भोयरा मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री संतोष पटेल, श्री परदेशी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री विजय पटेल, बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्री राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, लोहारा अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा, श्री संतोष पटेल, श्री कांतिराम पटेल, श्री भगत पटेल, ललिता सुखदास पटेल, श्री भीम सिंह पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राम कुमार भट्ट, श्री तीरथ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

    माता शाकम्भरी जयन्ती