रायपुर: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन तथा छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में नशामुक्त भारत सप्ताह और नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी विरोधी सप्ताह पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जिला जेल में हुआ विशेष आयोजन, नशामुक्ति की दिलाई गई शपथ

अभियान के समापन पर जिला जेल रायगढ़ में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम हुआ। यहां बंदियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में सभी बंदियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। नशीले पदार्थों के दुष्परिणाम, उनके सामाजिक- परिवारिक प्रभाव और स्वस्थ जीवनशैली के फायदे बताए गए। गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी नशामुक्ति का प्रभावी संदेश दिया गया, जिसे सभी ने सराहा।

जिला जेल में बंदियों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ, गीत-संगीत से दिया जागरूकता का संदेश

सामूहिक प्रयास से ही आएगी जागरूकता 

उपसंचालक समाज कल्याण रायगढ ने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। युवाओं को नशे से बचाने और समाज में जागरूकता लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उपचार- पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना और जनसहभागिता से नशामुक्त भारत बनाना है। विभाग ने आमजन से अपील की कि वे खुद नशे से दूर रहें और परिवार-मित्रों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक श्री जी.एस.सोनी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक श्री सुमंत आचार्य, रंजना यादव, डे-केयर सेंटर सियान गुड़ी के संगीत प्रशिक्षक श्री कुबेर चरण चौहान सहित जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदियों ने हिस्सा लिया।

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